“विकास आदिवासी और हिंसा” हिमांशु कुमार की संस्मरणात्मक पुस्तक है। जिससे छत्तीसगढ़ के आदिवासियों के जीवन की दास्तानों का एक नया अध्याय खुलता है। इससे आदिवासी समाज में विकास की तत्कालीन स्थिति को आसानी से देखा और समझा जा सकता है। 24 जुलाई 1991 से नई उद्योग नी…